1967 का युद्ध: जब बहादुर भारतीय सैनिकों ने चीन को हरा दिया और सिक्किम का बचाव किया।

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  • August 12, 2018 1:43 AM
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मिल जाते है कुछ देश प्रेमी, जिन्हें मरने से कुछ फर्क नहीं पड़ता

अगर आपने बेबी फिल्म देखी होगी तो आपको ये डायलॉग याद होगा, जो सेना में हमारे सैनिकों की बहादुरी का वर्णन करने के लिए काफी है।

तो इसी के साथ शुरू करते है भारतीय सेना के वो अनकहे किस्से जिनके बारे में आप शायद ही जानते होंगे।

आज हम बात करेंगे एक युद्ध की जो भारत और चीन के बीच लड़ा गया था। हम बात कर रहे हैं 1962 के बाद 1967 में हुए भारत - चीन युद्ध की जो सिक्किम - तिब्बत सीमा पर स्थित जो नाथू ला पास और चो ला पास में लड़ा गया।

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ये दूसरी बार था जब चीन ने भारत पर हमला किया था और इस बार चीन की नजर सिक्किम पर थी चीन अरुणाचल के साथ साथ सिक्किम को भी तिब्बत का हिस्सा मानता आया है। इस युद्ध के पीछे भी एक छोटी सी घटना हुई थी जिसका यहाँ जिक्र करना जरूरी है, तो बात ये थी की चीन हमेशा से भारत की सीमा में घुसपैठ करता रहा है और आज भी करता है।

उस समय भी चीन ने भारत के सिक्किम में स्थित नाथू ला दर्रे में अपनी घुसपैठ करने लगा और इस बार भारतीय सेना चीन की इस हरकत को बर्दास्त करने वाली नहीं थी और 1962 के युद्ध से सबक लेते हुए भारतीय सेना ने उस इलाके में तार की बाड़ लगाने का काम शुरू किया, भारत के इस दुस्साहसी कदम को चीन ने अपनी बेज्जती के तौर पर लिया और चीन ने अपनी एक सेना की टुकड़ी भेजकर सीमा पर बाड़बंदी के काम को तुरंत बंद करने को कहा और बंद नहीं करने पर युद्ध की धमकी देने लगा।

चीन इससे पहले 1962 में भारत को युद्ध में हरा चुका था और चीन को लगता था की भारत उसके युद्ध वाली धमकी से डर कर सीमा की बाड़बंदी का काम रोक देगा लेकिन चीन को कहाँ पता था ये वो भारतीय सेना थी जिसने 1962 में मिली हार को एक डर नहीं सबक के रूप में लिया था। भारतीय सेना ने चीन की धमकी के बाद भी काम जारी रखा। चीन ने अपनी जो सैन्य टुकड़ी भेजी थी वो पहले से ही युद्ध की तैयारी के साथ आयी थी और भारतीय सेना भी इधर 1962 का बदला लेने के लिए बेकरार थी।

अब जो होना था वो था एक भीषण युद्ध और चीन को जरा भी आभास नहीं था की वो इस युद्ध में बुरी तरह हरने वाला था।

चीन ने युद्ध की घोसणा कर दी और भारतीय सेना पर भीषण हमला बोल दिया पर भारतीय शेर सैनिक भी कहा चुप बैठने वाले थे, भारतीय सैनिक भी किसी घायल शेर की तरह चीनियों पर टूट पड़े और देखते ही देखते चीन के बंकर और 400 सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया, चीन की सेना दुम दबा कर भाग गयी और चीन को हार का मुँह देखना पड़ा पर चीन इस हार को पचा नहीं पा रहा था और फिर उसने सिक्किम में ही स्थित चो ला पास पर अचानक हमला कर दिया और यहाँ भी भारतीय सेना ने चीन की सेना के छक्के छुड़ा दिए और चीन ने यहाँ पर अपने 40 सैनिक खो दिए।

तो ये थी हमारे सैनिकों की वो अनकही कहानी जिसके बारे में बहुत ही काम भारतीय जानते होंगे ।




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Comments:


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M.k. sharma July 22, 2018 8:10 PM

👌👌👌👌👌👌


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प्रियंका July 23, 2018 7:46 PM

यह सूचना वाकई में महत्वपूर्ण है।भारतीय सैनिकों को कम समझना किसी भी देश के लिए खतरनाक साबित हो सकता है ।


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Nitya kishore July 24, 2018 8:10 PM

Jai javan