खून के रिश्ते पानी हो गये ...

  • 183 Views
  • 20 Likes
  • August 12, 2018 1:40 AM
poems

क्यूँ खून के रिश्ते भी आज पानी हो गये।
क्यूँ आदमी के दिल भी आज जापानी हो गये।

बिखरें हैं जिंदगी के मूल्य आज इस तरह।
मानवता के पाठ बस कहानी हो गए। क्यूँआदमी के दिल....

जिए या मारें यहाँ किसको है पड़ी।
मौत के शबब भी यहाँ शैतानी हो गए। क्यूँआदमी के दिल....

खोखला पन लिए बस जी रहे है हम।
बन स्वार्थ के संतरी हम अभिमानी हो गए। क्यूँआदमी के दिल....

कौन है जो बीज सारे ऐसे बो गया।
लहराते खेत कब्रिस्तानी हो गए। क्यूँआदमी के दिल....




Leave a Comment:



Comments:


Avatar

Nabajit July 18, 2018 1:18 PM

Wah ustaad


Avatar

Vijay July 18, 2018 1:32 PM

Nic article


Avatar

Narayan July 18, 2018 4:41 PM

Wah wah..tusi cha gye.


Avatar

DNA July 19, 2018 10:06 PM

Nice poem


Avatar

Monu July 21, 2018 5:10 PM

👌


Avatar

Nitya kishore July 21, 2018 8:57 PM

Superb, ,,deep truth


Avatar

Danger July 21, 2018 10:29 PM

☠️


Avatar

Rosy July 22, 2018 11:46 AM

Nice one


Avatar

gaurav July 22, 2018 12:12 PM

nice poem


Avatar

by Nitin July 22, 2018 12:34 PM

Nice one....


Avatar

Rajat sharma July 22, 2018 12:45 PM

Excellent


Avatar

preeti July 24, 2018 10:14 PM

nyccc


Avatar

Anjana singh July 25, 2018 12:05 PM

nice lines


Avatar

Bhupendra bhardwaj July 26, 2018 10:27 AM

Nice poem


Avatar

Saurabh Sharma July 27, 2018 2:12 PM

Suppb